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Rahul Gandhi at Chattishgarh

जीएसटी, नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ : राहुल

रायपुर। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यहां शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला और कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। चुनावी राज्य छत्तीसगढ़ के कांकेर और राजनांदगाव में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह नक्सलियों के मुद्दे का इस्तेमाल भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से लोगों का ध्यान हटाने के लिए कर रही है। 

मोदी पर चुटकी लेते हुए राहुल ने कहा, "लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने (मोदी) हर नागरिक को 15 लाख रुपये देने का वादा किया था, लेकिन चुनाव के बाद वह लोगों को झाड़ू उठाकर सफाई करने के लिए कहने लगे।" गांधी ने कहा कि नोटबंदी के जरिए मोदी सरकार ने गरीबों का पैसा छीनने की कोशिश की। 

गांधी ने कहा, "नरेंद्र मोदी ने जितना नुकसान नोटबंदी और गब्बर सिंह टैक्स (जीएसटी) से किया, उतना नुकसान भारत के इतिहास में किसी और ने नहीं पहुंचाया है।" गांधी ने कहा, "नोटबंदी के दौरान आप सब लंबी कतारों में खड़े थे। क्या आपने नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और विजय माल्या को लाइन में खड़े देखा? किसी दूसरे अमीर को लाइन में खड़े देखा? क्या आपने रमन सिंह (मुख्यमंत्री) को लाइन में खड़े देखा?"

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यहां शुक्रवार को कहा कि छत्तीसगढ़ में खनिज, वन और प्राकृतिक संपदा की कोई कमी नहीं है, लेकिन छत्तीसगढ़िया यानी यहां के निवासियों को इसका फायदा नहीं मिल पाता, जबकि छत्तीसगढ़ में 15 साल से भाजपा की सरकार है और केंद्र में पिछले साढ़े चार साल से नरेंद्र मोदी की सरकार है। 

पखांजूर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि यहां के निवासियों को खनिज संपदा का फायदा इसलिए नहीं मिल पाता, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री रमन सिंह कोई भी काम अपने चुनिंदा उद्योगपति मित्रों से पूछे बिना नहीं करते। 

कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि यूपीए के शासनकाल में मनरेगा योजना को चलाने के लिए एक वर्ष में 35 हजार करोड़ रुपये खर्च होता था। इतने पैसों से लाखों परिवारों की रोजी-रोटी चलती थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने अपने चुनिंदा उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए इससे कहीं ज्यादा 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया, जबकि दूसरी ओर छत्तीसगढ़ सहित देश के कई राज्यों में कर्ज से दबे किसान लगातार आत्महत्या कर रहे थे, लेकिन मोदी ने गरीब किसानों का कर्ज माफ करना जरूरी नहीं समझा।

उन्होंने कहा कि जितना कर्ज उद्योगपतियों का माफ किया गया है, उतने पैसों में कई साल तक मनरेगा योजना चलाई जा सकती थी। राहुल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, विजय माल्या जैसे उद्योगपति गरीब जनता के हजारों करोड़ रुपये लेकर विदेश भाग जाते हैं, लेकिन केंद्र सरकार उन्हें नहीं रोकती है। 

कांग्रेस अध्यक्ष ने राफेल विमान खरीदी का मुद्दा उठाते हुए कहा, "देश की वायुसेना के लिए यूपीए सरकार ने राफेल विमान खरीदने का निर्णय किया था, प्रति विमान 526 करोड़ रुपये की दर से। लेकिन भाजपा की सरकार आते ही वह योजना रोक दी गई, अब फ्रांस की उसी कंपनी से मोदीजी 1600 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत देकर विमान ले रहे हैं। यही नहीं, इन विमानों की मरम्मत, तकनीकी ज्ञान व रखरखाव का पूरा जिम्मा अंबानी की अनुभवहीन कंपनी को ठेके पर दिया गया है।" 

राहुल ने वादा दोहराते हुए कहा, "छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनते ही 10 दिनों में किसानों का होगा कर्ज माफ होगा और बकाया बोनस भी मिलेगा।" कांग्रेस प्रमुख ने नोटबंदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यह फैसला कालेधन के खिलाफ था तो अपने पैसे के लिए सिर्फ आमलोग ही बैंकों की लाइन में क्यों लगे? कोई उद्योगपति क्यों नहीं कतार में खड़ा हुआ? राहुल गांधी ने राज्य में हुए नान घोटाले को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रमन सरकार ने इस घोटाले के दोषियों का बचाने का काम किया है। 

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